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Ziddi Billionaire Ki Bagawat

Ziddi Billionaire Ki Bagawat

作者:Vasava

连载中

简介
Yeh kahani hai ziddi billionaire Shaurya Singhania ki, jiske pita ki uske hi business partner ne dhoke se hatya kar di. Shaurya apni asli pehchan chhupa kar zero se shuruat karta hai aur apni mohabbat Mayra ko bachane ke liye ek badi bagawat shuru karta hai.
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正文内容

शौर्य सिंघानिया अपनी आलीशान कार की पिछली सीट पर बैठा हुआ था। उसकी आँखों में एक अजीब सा गुस्सा और जिद्द साफ देखी जा सकती थी। मुंबई की सड़कों पर तेज रफ्तार से दौड़ती उसकी गाड़ी सीधे सिंघानिया ग्रुप ऑफ इंडस्ट्रीज के मुख्यालय की तरफ बढ़ रही थी। आज वह दिन था जब शौर्य अपने जीवन का सबसे बड़ा हिसाब चुकता करने वापस आया था।

"सर, हम पाँच मिनट में पहुँचने वाले हैं," उसके वफादार ड्राइवर ने आईने में देखते हुए कहा।

शौर्य ने बिना कुछ बोले बस अपनी गर्दन हिला दी। उसने अपनी जैकेट की जेब से एक पुरानी तस्वीर निकाली। वह तस्वीर उसके स्वर्गीय पिता की थी। शौर्य की मुट्ठियां कस गईं। 'पिताजी, आज आपके हत्यारे मल्होत्रा का अंत मेरे हाथों ही लिखा है। जो साम्राज्य उसने आपसे धोखे से छीना था, आज मैं उसे वापस लेने आया हूँ।'

जैसे ही शौर्य ने कंपनी के भव्य मुख्य हॉल में कदम रखा, वहाँ मौजूद सभी कर्मचारियों और बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स के चेहरों का रंग उड़ गया। किसी ने सपने में भी नहीं सोचा था कि जिसे उन्होंने बरसों पहले बर्बाद करके शहर से बाहर खदेड़ दिया था, वह आज एक जिद्दी बिलिनेयर बनकर बगावत करने वापस लौट आएगा।

तभी सामने से मल्होत्रा अपने सुरक्षा गार्ड्स के साथ आता हुआ दिखाई दिया। उसके चेहरे पर वही पुराना घमंड था। "अरे देखो कौन आया है... शौर्य सिंघानिया! तुम यहाँ अपनी जान की भीख मांगने आए हो क्या?" मल्होत्रा ठहाका मारकर हंसा।

शौर्य के होंठों पर एक जानलेवा मुस्कान तैर गई। उसने आगे बढ़कर सीधे मल्होत्रा की आँखों में देखा और कहा, "मल्होत्रा, भीख मांगना मेरा पेशा नहीं है। मैं यहाँ अपनी सल्तनत वापस लेने और तुम्हारी बर्बादी का पहला पन्ना लिखने आया हूँ। खेल अब शुरू हुआ है।"